A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेछत्तीसगढ़जशपुर

एनएचएम  कर्मचारियों के विरोध का अनोखा अंदाज  हाथ में मेहंदी लगा और मानव श्रृंखला बना कर अपनी मांग को लेकर किया  प्रदर्शन

जशपूर –  जिले के लगभग 800 से अधिक व  पूरे प्रदेश के 18000 से अधिक एनएचएम अधिकारी,कर्मचारी भारी बारिश और मौसम कि मार झेलते हुए भी अपनी नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों  संविलयन , ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, पब्लिक हेल्थ कैडर, कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता, स्वास्थ्य बीमा, अवकाश सुविधा, मेडिकल अवकाश, स्थानांतरण नीति, नियमित पद में आरक्षण के पूरे होने की आस में हड़ताल स्थल में अब भी पूरे उत्साह व जोश के साथ डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक शासन स्तर से लिखित में हमारे मांगों के पक्ष मे आदेश नहीं आ जाता तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगा।

मेहंदी लगा और मानव श्रृंखला बना व्यक्त की अपनी मांग

आज हड़ताल के आठवे दिन एनएचएम कर्मचारी मेहंदी के माध्यम से अपनी हथेलियों पर  नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को उकेरा और इसी क्रम में धरना स्थल के निकट स्थित रंजीता स्टेडियम में एनएचएम कर्मचारियों ने गोल मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया।

त्योहारों का सीजन और मुख्यमंत्री से आस आखिर कब होगी बात

विगत सप्ताह से पूरे प्रदेश मे पोरा,तीजा, गणेश उत्सव, नवरात्रि जैसे त्योहारों का सीजन भी शुरू हो गया है और ऐसे में एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार के साथ अपने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय से अपने मांगों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए सार्थक पहल की उम्मीद लगाए बैठे है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि हमारे प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय कर्मचारियों के हित मे कब तक फैसला लेते है।

खराब होती स्वास्थ्य व्यवस्था और शासन का मौन

दिन-ब-दिन खराब होती स्वास्थ व्यवस्था और मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए यह देखना महत्वपूर्ण है कि एनएचएम कर्मचारियों के वर्षों से लंबित नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश की सरकार पहल कब तक करती है।

हड़ताल हो रहा उग्र और मिल रहा अन्य संघों व जनता का समर्थन

एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन धीरे-धीरे उग्र होता जा रहा है और लोगों के मन में उनकी जायज मांगों के प्रति सहानुभूति भी जग रही है। कई संघों के द्वारा एनएचएम संघ के मांगों के पक्ष मे समर्थन भी दिया जा रहा है साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि जल्द से जल्द प्रदेश सरकार हमारे एनएचएम कर्मचारियों के हित में कोई निर्णय नहीं लेगी तो वे भी मैदान में उतर कर आंदोलन में सम्मिलित हो जाएंगे।

Back to top button
error: Content is protected !!